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मुम्बई. गायिका शोनाली मिश्रा के जीवन के संघर्ष और बॉलीवुड तक के सफ़र की कहानी कई नई प्रतिभाओं के लिए प्रेरणादायक हो सकती है. उत्तर प्रदेश के कानपुर की निवासी शोनाली मिश्रा ने मेडिकल की पढ़ाई छोड़ कर अपने संगीत के सपनों को चुनने का साहस दिखाया और आज संगीत जगत में चमक रही हैं.

बचपन से ही उनकी रगों में संगीत दौड़ता था। हलांकि, उनके माता-पिता चाहते थे कि वह एक डॉक्टर बनें। उनकी ख़ुशी के लिए सोनाली ने दिन-रात मेहनत की और मेडिकल प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण भी की। लेकिन दिल तो सुरों में बसा था। वो फैसला आसान नहीं था, पर उन्होंने मेडिकल छोड़ कर अपने संगीत के सपनों को चुनने की हिम्मत दिखाई.

जुनून की राह: कानपुर से लखनऊ का सफर

संगीत सीखने का उनका जज्बा ऐसा था कि वह कानपुर से लखनऊ हर रोज 90 किलोमीटर का सफर तय करती थी। ये सिलसिला पूरे 8 साल तक चला, जहां उन्होंने संगीत की बारीकियां सीखीं और अपना कोर्स पूरा किया। इसी दौरन, उन्होंने लाइव परफॉर्मेंस देना शुरू किया, जिसने उनमें एक नया आत्मविश्वास भर दिया।

देश-विदेश में गूंजती आवाज़

धीरे-धीरे शोनाली की प्रस्तुति सिर्फ भारत तक ही सीमित नहीं रही। उन्हें मौका मिला कि वह देश के बाहर भी अपनी गायकी का जादू बिखेरे। उन्होंने इजराइल, सिंगापुर और साउथ अफ्रीका जैसे देशों में लाइव परफॉर्मेंस दी, जहां लोगों ने संगीत के प्रति उनके समर्पण को बहुत सराहा।

मुंबई और बॉलीवुड डेब्यू

उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब उन्हें मुंबई के मशहूर ‘सिम्फनी शो’ के लिए एक गायिका के तौर पर चुना गया। बस, वहीं से कानपुर से मुंबई तक का उनका सफर शुरू हुआ। एक नए शहर में अपनी पहचान बनाना आसान नहीं था, लेकिन उनकी आवाज ही उनकी ताकत थी। ढेरों स्टूडियो और म्यूजिक डायरेक्टर्स के चक्कर लगाने के बाद, उन्हें बॉलीवुड में अपना पहला ब्रेक मिला। हिन्दी फिल्म ‘बॉम्बे’ के दो गीत गाने का मौका मिला, जिसके कन्नड़ वर्जन में उन्होंने अपनी आवाज दी और एक पार्श्व गायिका के रूप में अपनी जगह बनाई।

भक्ति संगीत में पाई अलग पहचान

संगीत के साथ उन्हें गहरा लगाव उन्हें भक्ति की तरफ भी ले गया। शोनाली ने सारेगामा भक्ति और ऑडियो लैब भक्ति जैसे बड़े चैनल के लिए गाने शुरू कर दिए। आज उनका खुद का एक भक्ति चैनल है, जहां उनके गाने समय-समय पर रिलीज होते रहते हैं।

शोनाली मिश्रा कहती हैं “आज जब मैं पीछे मुड़कर देखती हूं, तो गर्व होता है कि मैंने अपने दिल की सुनी। कानपुर से शुरू हुआ वो 90 किमी का सफर आज मुझे दुनिया के बड़े मंच तक ले आया है।”

    

गायिका शोनाली मिश्रा की लाइफ स्टोरी: कानपुर से बॉलीवुड तक का उनका सफ़र है इंस्पायरिंग

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